ये साल मैं तुझे भुला पाऊं, बस इतनी सी दुआ करना
मेरे दिल से जुदा हो तू, अब इस कैद से मुझे रिहा करना
आज़ाद होने का हक तो है मुझे भी, इतना सा तो रहम खा
बीते लम्हों की सुध ले कभी, और थोड़ा तू भी तड़प जा
नया साल मुबारक हो तुझे, थोड़ी इनायत मुझ पर भी कर जा
यूं अकेले, रोते, बिलखते, अब और ना गुजारे जाएंगे मुझसे ये दिन
या तो अब तू भी साथ आ, या फिर मेरा कत्ल ही कर जा